छत्तीसगढ़

धान खरीदी जोरों पर, अब तक 2.67 लाख मीट्रिक टन की खरीदी

Shantanu Roy
2 Jan 2026 7:41 PM IST
धान खरीदी जोरों पर, अब तक 2.67 लाख मीट्रिक टन की खरीदी
x
छग
Raigarh. रायगढ़। जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य पूरी रफ्तार से जारी है। शासन के निर्देशानुसार 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी की जानी है। समर्थन मूल्य पर धान विक्रय को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में व्यापक और पुख्ता व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न हो। इसके साथ ही धान खरीदी कार्य में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। मैदानी अमलों को लगातार धान उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। धान में अधिक नमी, अमानक गुणवत्ता और किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप वास्तविक किसानों को ही लाभ मिल सके।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक रायगढ़ जिले में 43 हजार 714 किसानों द्वारा धान का विक्रय किया जा चुका है। इन किसानों से कुल 2 लाख 67 हजार 512.12 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसमें 1 लाख 99 हजार 151.84 मीट्रिक टन मोटा धान और 68 हजार 360.28 मीट्रिक टन पतला धान शामिल है। बड़ी संख्या में किसानों द्वारा धान विक्रय किए जाने से उपार्जन केंद्रों में चहल-पहल बनी हुई है। धान खरीदी के साथ-साथ धान के उठाव का कार्य भी सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। उपार्जन केंद्रों में अब तक खरीदे गए धान में से 1 लाख 42 हजार 007.10 मीट्रिक टन धान का उठाव पूर्ण किया जा चुका है। वहीं 1 लाख 94 हजार 991.60 मीट्रिक टन धान के लिए डिलीवरी ऑर्डर (डीओ) जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन का प्रयास है कि उपार्जन केंद्रों में धान का अधिक समय तक भंडारण न हो।

समय पर उठाव कर किसानों को भुगतान प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों और नोडल अधिकारियों को धान खरीदी कार्य की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि धान विक्रय करने वाले वास्तविक किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। टोकन कटने से लेकर धान विक्रय और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी होनी चाहिए। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए बैठने, पेयजल, छाया और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या शिकायत मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
Next Story